श्री भरताग्रज अष्टकम || Shri Bharatagraja Ashtakam

       

श्री भरताग्रज अष्टकम, Shri Bharatagraja Ashtakam, श्री भरताग्रज अष्टकम के फायदे, Shri Bharatagraja Ashtakam Ke Fayde, श्री भरताग्रज अष्टकम के लाभ, Shri Bharatagraja Ashtakam Ke Labh, Shri Bharatagraja Ashtakam Benefits, Shri Bharatagraja Ashtakam in Sanskrit, Shri Bharatagraja Ashtakam in Hindi, Shri Bharatagraja Ashtakam Pdf, Shri Bharatagraja Ashtakam Mp3 Download, Shri Bharatagraja Ashtakam Lyrics, Shri Bharatagraja Ashtakam in Mantra.

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

नोट : यदि आप अपने जीवन में किसी कारण से परेशान चल रहे हो तो ज्योतिषी सलाह लेने के लिए अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )

30 साल के फ़लादेश के साथ वैदिक जन्मकुंडली बनवाये केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

हर महीनें का राशिफल, व्रत, ज्योतिष उपाय, वास्तु जानकारी, मंत्र, तंत्र, साधना, पूजा पाठ विधि, पंचांग, मुहूर्त व योग आदि की जानकारी के लिए अभी हमारे Youtube Channel Pandit Lalit Trivedi को Subscribers करना नहीं भूलें, क्लिक करके अभी Subscribers करें :Click Here

श्री भरताग्रज अष्टकम || Shri Bharatagraja Ashtakam

श्री भरताग्रज अष्टकम भगवान श्री राम जी के अनुज भरत जी को समर्पित हैं ! श्री भरताग्रज अष्टकम के बारे में बताने जा रहे हैं !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 9667189678 Shri Bharatagraja Ashtakam By Online Specialist Astrologer Acharya Pandit Lalit Trivedi.

श्री भरताग्रज अष्टकम || Shri Bharatagraja Ashtakam

हे जानकीश वरसायकचापधारिन्,

हे विश्वनाथ रघुनायक देव-देव।

हे राजराज जनपालक धर्मपाल,

त्रयस्व नाथ भरताग्रज दीनबन्धो॥१॥

हे सर्ववित् सकलशक्तिनिधे दयाब्धे,

हे सर्वजित् परशुरामनुत प्रवीर।

हे पूर्णचन्द्रविमलाननं वारिजाक्ष,

त्रयस्व नाथ भरताग्रज दीनबन्धो॥२॥

हे राम बद्धवरुणालय हे खरारे,

हे रावणान्तक विभीषणकल्पवृक्ष।

हे पह्नजेन्द्र शिववन्दितपादपह्न,

त्रयस्व नाथ भरताग्रज दीनबन्धो॥३॥

हे दोषशून्य सुगुणार्णवदिव्यदेहिन्,

हेसर्वकृत् सकलहृच्चिदचिद्विशिष्ट।

हे सर्वलोकपरिपालक सर्वमूल,

त्रयस्व नाथ भरताग्रज दीनबन्धो॥४॥

हे सर्वसेव्य सकलाश्रय शीलबन्धो,

हे मुक्तिद प्रपदनाद् भजनात्तथा च।

हे पापहृत् पतितपावन राघवेन्द्र,

त्रयस्व नाथ भरताग्रज दीनबन्धो॥५॥

हे भक्तवत्सल सुखप्रद शान्तमूर्ते,

हे सर्वकमफ़र्लदायक सर्वपूज्य।

हे न्यून कर्मपरिपूरक वेदवेद्य,

त्रयस्व नाथ भरताग्रज दीनबन्धो॥६॥

हे जानकी रमण हे सकलान्तरात्मन्,

हे योगिवृन्दरमणा स्पदपादपह्न।

हे कुम्भजादिमुनिपूजित हे परेश,

त्रयस्व नाथ भरताग्रज दीनबन्धो॥७॥

हेवायुपुत्रपरितोषित तापहारिन्,

हे भक्तिलभ्य वरदायक सत्यसन्ध।

हे रामचन्द्र सनकादिमुनीन्द्रवन्द्य,

त्रयस्व नाथ भरताग्रज दीनबन्धो॥८॥

श्रीमभरतदासेन मुनिराजेन निर्मितम्।

अष्टकं भवतामेतत् पठतां श्रेयसे सताम्॥

॥ इति श्रीभरताग्रजाष्टकम् ॥

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678

<<< पिछला पेज पढ़ें                                                                                                                      अगला पेज पढ़ें >>>


यदि आप अपने जीवन में किसी कारण से परेशान चल रहे हो तो ज्योतिषी सलाह लेने के लिए अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )

यह पोस्ट आपको कैसी लगी Star Rating दे कर हमें जरुर बताये साथ में कमेंट करके अपनी राय जरुर लिखें धन्यवाद : Click Here

 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*