सूर्य स्तोत्र ( Surya Stotram ) Stotra Sun

       

सूर्य स्तोत्र !! Surya Stotram !! Stotra Sun 

सूर्य स्तोत्र के फ़ायदे ( surya stotra ke fayde ) : जब किसी भी जातक की कुंडली में सूर्य ग्रह नीच का होकर या गोचर में बुरा प्रभाव दे रहा हो या सूर्य ग्रह की दशा और अन्तर्दशा में बुरा फ़ल दे तो दिए गये सूर्य स्तोत्र ( surya stotram ) का रोजाना जाप करने से सूर्य सम्बन्धित हो रही परेशानी से निजात मिलेगा ! सूर्य स्तोत्र ( surya stotram in hindi ) का रोजाना पाठ करने से सूर्य ग्रह अपना बुरा प्रभाव छोड़कर अच्छा फ़ल देने लग जाता हैं ! Online Specialist Astrologer Acharya Pandit Lalit Sharma द्वारा बताये जा रहे सूर्य स्तोत्र ( Surya Stotram ) को पढ़कर आप भी सूर्य ग्रह को अनुकूल बना सकोंगे !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! जय श्री मेरे पूज्यनीय माता – पिता जी !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें Mobile & Whats app Number : 7821878500

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सूर्य स्तोत्र !! Surya Stotram in hindi

प्रात: स्मरामि खलु तत्सवितुर्वरेण्यंरूपं हि मण्डलमृचोऽथ तनुर्यजूंषी ।

सामानि यस्य किरणा: प्रभवादिहेतुं ब्रह्माहरात्मकमलक्ष्यचिन्त्यरूपम् ।।1।।

प्रातर्नमामि तरणिं तनुवाऽमनोभि ब्रह्मेन्द्रपूर्वकसुरैनतमर्चितं च।

वृष्टि प्रमोचन विनिग्रह हेतुभूतं त्रैलोक्य पालनपरंत्रिगुणात्मकं च।।2।।

प्रातर्भजामि सवितारमनन्तशक्तिं पापौघशत्रुभयरोगहरं परं चं।

तं सर्वलोककनाकात्मककालमूर्ति गोकण्ठबंधन विमोचनमादिदेवम् ।।3।।

ॐ चित्रं देवानामुदगादनीकं चक्षुर्मित्रस्य वरुणस्याग्ने:।

आप्रा धावाप्रथिवी अन्तरिक्षं सूर्य आत्मा जगतस्तस्थुषश्र्व ।।4।।

सूर्यो देवीमुषसं रोचमानां मत्योन योषामभ्येति पश्र्वात् ।

यत्रा नरो देवयन्तो युगानि वितन्वते प्रति भद्राय भद्रम् ।।5।।

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