श्री कबीर जी की आरती ( Shri Kabir Ji Ki Aarti ) Kabir Ji Ki Aarti

       

श्री कबीर जी की आरती [ Shri Kabir Ji Ki Aarti & Kabir Ji Ki Aarti ]

श्री कबीर जी की आरती के लाभ : shri kabir ji ki aarti ke labh : हमारे भारत वर्ष में कई संतों ने जन्म लिया उन में से श्री कबीर जी भी संत पैदा हुए हैं ! कबीर संतवादी के लोग नियमित श्री कबीर जी की आरती का पाठ पढ़कर संत कबीर जी का आशीर्वाद प्राप्त होता हैं ! श्री कबीर जी की आरती, shri kabir ji ki aarti in hindi, kabir ji ki aarti in hindi, श्री कबीर जी की आरती के फ़ायदे, shri kabir ji ki aarti ke fayde in hindi, श्री कबीर जी की आरती के लाभ, shri kabir ji ki aarti ke labh in hindi, shri kabir ji ki aarti mp3 download, shri kabir ji ki aarti pdf in hindi, shri kabir ji ki aarti lyrics in hindi, shri kabir ji ki aarti ke benefits in hindi आदि के बारे में बताने जा रहे हैं !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 7821878500 shri kabir ji ki aarti by acharya pandit lalit sharma 

श्री कबीर जी की आरती !! shri kabir ji ki aarti in hindi 

सुन संधिया तेरी देव देवाकर,
अधिपति अनादि समाई |

सिंध समाधि अंतु नहीं पाय
लागि रहै सरनई ||

लेहु आरती हो  पुरख निरंजनु,
सतगुरु पूजहु भाई

ठाढ़ा ब्रह्म निगम बीचारै,
अलख  न लिखआ जाई ||

ततुतेल नामकीआ बाती,
दीपक देह उज्यारा |

जोति  लाइ जगदीश जगाया,
बुझे बुझन हारा |

पंचे सबत अनाहद बाजे,
संगे  सारिंग पानी |

कबीरदास तेरी आरती कीनी,
निरंकार निरबानी ||

याते  प्रसन्न भय हैं महामुनि,
देवन के जप में सुख पावै |

यज्ञ करै इक  वेद रहै भवताप हरै,
मिल ध्यान लगावै ||

झालर ताल मृदंग उपंग  रबा,
बलीए सुरसाज मिलावै |

कित्रर गंधर्व गान करै सुर सुन्दर,
पेख  पुरन्दर के बली जावै |

दानति दच्छन दै कै प्रदच्छन,
भाल में  कुंकुम अच्छत लावै ||

होत कुलाहल देव पुरी मिल,
देवन के कुल मंगल  गावैँ |

हे रवि हे ससि हे करुणानिधि,
मेरी अबै बिनती सुन लीजै  ||

और न मांगतहूँ तुमसे कछु चाहत,
हौं चित में सोई कीजे |

शस्त्रनसों  अति ही रण भीतर,
जूझ मरौंतउ साँचपतीजे ||

सन्त सहाई सदा जग माइ,
कृपाकर  स्याम इहि है बरदीजे |

पांइ गहे जबते तुमरे तबते कोउ,
आंख तरे  नही आन्यो ||

राम रहीम पुरान कुरान अनेक,
कहै मत एक न मान्यो ||

सिमरत  साससत्रबेदस बैबहु भेद,
कहै सब तोहि बखान्या |

श्री असिपान कृपा  तुमरी करि,
मैं न कह्यो हम एक न जान्यो कह्यो||

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : 7821878500

<<< पिछला पेज पढ़ें                                                                                                                      अगला पेज पढ़ें >>>

जन्मकुंडली सम्बन्धित, ज्योतिष सम्बन्धित व् वास्तु सम्बन्धित समस्या के लिए कॉल करें Mobile & Whats app Number : 7821878500

किसी भी तरह का यंत्र या रत्न प्राप्ति के लिए कॉल करें Mobile & Whats app Number : 7821878500

बिना फोड़ फोड़ के अपने मकान व् व्यापार स्थल का वास्तु कराने के लिए कॉल करें Mobile & Whats app Number : 7821878500


नोट : ज्योतिष सम्बन्धित व् वास्तु सम्बन्धित समस्या से परेशान हो तो ज्योतिष आचार्य पंडित ललित शर्मा पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 7821878500 ( Paid Services )

New Update पाने के लिए पंडित ललित ब्राह्मण की Facebook प्रोफाइल Join करें : Click Here

आगे इन्हें भी जाने :

जानें : तुलसी पूजा विधि व् मंत्र : Click Here

जानें : तुलसी के उपाय : Click Here

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : 7821878500

ऑनलाइन पूजा पाठ ( Online Puja Path ) व् वैदिक मंत्र ( Vaidik Mantra ) का जाप कराने के लिए संपर्क करें Mobile & Whats app Number : 7821878500

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*