शनि स्तोत्र ( Shani Stotram ) Stotra Saturn

       

शनि स्तोत्र !! Shani Stotram !! Stotra Saturn

शनि स्तोत्र के फ़ायदे ( shani stotra ke fayde ) : जब किसी भी जातक की कुंडली में शनि ग्रह नीच का होकर या गोचर में बुरा प्रभाव दे रहा हो या शनि ग्रह की दशा और अन्तर्दशा में बुरा फ़ल दे तो दिए गये शनि स्तोत्र ( shani stotram ) का रोजाना जाप करने से शनि सम्बन्धित हो रही परेशानी से निजात मिलेगा ! शनि स्तोत्र ( shani stotram in hindi ) का रोजाना पाठ करने से शनि ग्रह अपना बुरा प्रभाव छोड़कर अच्छा फ़ल देने लग जाता हैं ! Online Specialist Astrologer Acharya Pandit Lalit Sharma द्वारा बताये जा रहे शनि स्तोत्र ( Shani Stotram ) को पढ़कर आप भी शनि ग्रह को अनुकूल बना सकोंगे !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! जय श्री मेरे पूज्यनीय माता – पिता जी !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें Mobile & Whats app Number : 7821878500

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शनि स्तोत्र !! Shani Stotram in hindi

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठनिभाय च ।

नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम: ।।1।।

नमो निर्मासदेहाय दिर्घश्मश्रुजटाय च ।

नमो विशालनेत्रायशुष्काय भयाक्रते ।।2।।

नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्ने च वै पुन: ।

नमो दीर्घाय शुष्काय कालदंष्ट्राय ते नम: ।।3।।

नमस्ते कोटराक्षाय दुर्निरीक्षाय वैनम: ।

नमो घोराय रौद्राय भीषणाय करालिने ।।4।।

नमस्ते सर्वभक्षाय बलीमुखाय ते नम: ।

सूर्यपुत्र नमस्तेऽस्तु भास्कराऽभयदाय च ।।5।।

अधोद्रष्टे नमस्तेऽस्तु संवर्तकाय ते नम: ।

नमो मन्दगते तुभ्यं निस्त्रिंशाय नमोऽस्तुते ।।6।।

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तपसा दग्ध देहाय नित्यं योगरताय च ।

नमो नित्यं क्षुधार्ताय अतृप्ताय च वै नम: ।।7।।

ज्ञानचक्षुष्मते तुभ्यं काश्यपात्मजसूनवे ।

तुष्टो ददासि वै राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात् ।।8।।

देवासुरमनुष्याश्य सिद्धविद्याधरोरगा: ।

त्वया विलोकिता: सर्वे नाशं यान्ति च मूलतः ।।9।।

प्रसादं कुरु मे देव वरार्होऽस्मात्युपात्रत: ।

मया स्तुत: प्रसन्नास्य: सर्व सौभाग्य दायक: ।।10।।

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